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Google ने Doodle बनाकर सत्येंद्र नाथ बोस की उपलब्धियों को याद किया . Google ने आज प्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ और भौतिक विज्ञानी सत्येंद्र नाथ बोस को भौतिकी और गणित के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए एक विशेष डूडल बनाकर सम्मान दिया है। सत्येंद्र नाथ बोस को दुनियाभर में 1920 में उनके क्वॉटम फिजिक्स पर किए गए शोध के कारण जाना जाता है। इस दिन यानी 4 जून को सत्येंद्र नाथ बोस ने महान वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टाइन को अपने क्वांटम फॉर्मूलेशन भेजे थे, जिससे वे काफी प्रभावित हुए और उसे क्वांटम मैकेनिक्स में एक महत्वपूर्ण खोज के रूप में मान्यता दी। . सत्येंद्र नाथ बोस के पिता ईस्ट इंडियन रेलवे कंपनी के इंजीनियरिंग विभाग में काम करते थे। उनकी शुरुआती पढ़ाई नाडिया जिले के बाड़ा जगुलिया गांव में हुई। आगे की पढ़ाई के लिए वो प्रेसिडेंसी कॉलेज गए और वहीं से सन 1915 में उन्होंने अप्लाइड मैथ्स से MSc पूरी किया। इसके बाद 1916 में कलकत्ता विश्वविद्यालय के साइंस कॉलेज में रिसर्च स्कॉलर के रूप में प्रवेश किया और सापेक्षता का सिद्धांत (Theory of Relativity) की पढ़ाई शुरू की। . कुछ साल पहले हिग्स बोसोन यानी गाड पार्टिकल की खोज की गई थी। इस खोज के बाद सत्येंद्र नाथ बोस खूब चर्चा में आए थे। बता दें कि हिग्स बोसोन में हिग्स नाम एक ब्रिटिश वैज्ञानिक पीटर हिग्स के नाम पर पर रखा गया, जबकि बोसोन नाम भारतीय वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस के नाम पर रखा गया था। सत्येंद्र नाथ बोस को बोस-आइंस्टीन स्टेटिस्टिक और बोस-आइंस्टीन केंडेनसेंट सिद्धांत के लिए भी जाना जा है। बोस की खोज क्वॉटम फिजिक्स को नई दिशा प्रदान करती है। सत्येंद्र नाथ बोस के बारे कहा जाता है कि उन्होंने इंटरमीडिएट की गणित परीक्षा में 100 में से 110 अंक हासिल किए थे। इस दौरान बोस ने प्रश्न पत्र में पूछे गए सभी प्रश्नों का जवाब सही दिया और कई सवालों को अलग-अलग तरीकों से हल किया था। बाद में जब उनकी कॉपी जांची गई तो उन्हें 100 में से 110 अंक दिए गए, जो अभी तक का रिकॉर्ड है। . सत्येंद्र नाथ बोस को कई क्षेत्रों में रुचि थी, जिसमें भौतिकी, गणित, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, खनिज विज्ञान, दर्शन, कला, साहित्य और संगीत शामिल हैं। उन्होंने भारत में कई अनुसंधान और विकास समितियों में कार्य किया। उन्हें भारत सरकार ने 1954 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था। 4 फरवरी 1974 में उनकी मृत्यु हो गई, लेकिन उनके द्वारा किये गए कार्य आज भी हमें प्रेरित करते हैं। . . Visit us 👉 @ www.justlearning.in . .


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