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इलेक्ट्रॉन क्या है?

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Hello world

इलेक्ट्रॉन के बारे में जानने से पहले यह जान लो कि परमाणु क्या है। आपको यह तो पता ही होगा कि दुनिया में हर वस्तु चाहे वो निर्जीव है या फिर संजीव है, परमाणु की बनती है। परमाणु दुनिया का सबसे छोटा कण है। यह इलेक्ट्रॉन, न्यूट्रॉन और प्रोटोन से मिलकर बनता है। परमाणु में इलेक्ट्रॉन और प्रोटोन की संख्या बराबर होती है। इसके केंद्र में एक नाभिक होता है। इलेक्ट्रॉन इसी नाभिक के चारों और तेज गति से चक्कर लगाते है। यह बिल्कुल ठीक उसी तरह है जैसे ग्रह सूर्य के चारों और परिक्रमा करते है।

सबसे छोटे कण इलेक्ट्रॉन की खोज से पहले परमाणु को सबसे छोटा कण माना जाता था लेकिन परमाणु से भी छोटा कण इलेक्ट्रॉन है। इलेक्ट्रॉन पर नेगेटिव चार्ज होता है। इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटोन और न्यूट्रॉन से भी कम होता है। इसका द्रव्यमान 9.109×10^-31 किलोग्राम होता है। इलेक्ट्रॉन पर आवेश 1.6×10^-19 कुलाम होता है।

इलेक्ट्रॉन को “e-” से डेनोट करते है। ये नाभिक के चारों और एक निश्चित कक्षा में चक्कर लगाते है। तो आइए इलेक्ट्रॉन के खोज (Discovery Of Electron In Hindi) की कहानी जानते है।

इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की ?

महान भौतिक वैज्ञानिक जे जे थॉमसन ने वर्ष 1897 में इलेक्ट्रॉन की खोज (Electron Ki Khoj) की थी। जे जे थॉमसन एक ब्रिटिश नागरिक थे जिन्होंने यह महत्वपूर्ण खोज की थी।

जे जे थॉमसन एक बार कैथोड के इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज पर प्रयोग कर रहे थे। तब उन्हें कैथोड पर प्रकाश की चमक दिखाई दी। उन्हें लगा कि यह चमक कैथोड के कुछ कणों की वजह से है। इसलिए उन्होंने कैथोड पर एक प्रयोग करने की सोंची। इस प्रयोग के लिए उन्होंने एक कांच की ट्यूब ली और इस ट्यूब में निर्वात पैदा किया।

इसके बाद थॉमसन ने ट्यूब के दोनों और इलेक्ट्रोड (कैथोड और एनोड) लगा दिए। इन इलेक्ट्रोड को हाई वोल्टेज क्षेत्र से जोड़ा गया। इस दौरान उन्होंने देखा कि कुछ कण कैथोड (Negative) से एनोड (Positive) की और जा रहे है।

ये कण कैथोड से एनोड की तरफ जा रहे थे अर्थात पॉजिटिव की और गति कर रहे थे। इसका अर्थ यह था कि इन कणों पर ऋणात्मक आवेश है जिससे ये धनात्मक एनोड की तरफ गति करते है। जे जे थॉमसन ने इन ऋणात्मक कणों को नेगाट्रॉन कहा। इनको कैथोड किरण भी कहा जाता है। कुछ वर्ष बाद स्टोनी नामक वैज्ञानिक ने इन कणों को इलेक्ट्रॉन का नाम दिया था।

Electron Kya Hai – Discovery Of Electron

परमाणु में इलेक्ट्रॉन (Electron) दो स्थिति में होते है। एक फ्री इलेक्ट्रॉन होते है जिन पर कोई बाह्य बल नही होता है। दूसरा प्रकार का इलेक्ट्रान बोंड इलेक्ट्रॉन कहलाता है। इस पर नाभिक का बल होता है। किसी भी चालक प्रदार्थ में विद्युत धारा का प्रवाह फ्री इलेक्ट्रॉन के कारण ही होता है। जे जे थॉमसन को इस खोज के लिए वर्ष 1906 का नोबेल पुरस्कार भी मिला था।


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